अगर बिछड़ने से मुस्कुराहट लौट आये तुम्हारी,
छाव ठंडी ही दूंगा, बेशक पत्तो में कड़वाहट हो गई…!
कि हम किसी के लिए हमेशा ख़ास नहीं रह सकते..!!
सिर्फ़ इतना दर्द है कि टूटने वाला हम थे और वजह कोई और।”
हम में तो तुम ही हो, तुम्हारे दिल की खुदा जाने…!
सिर्फ़ यादों के सहारे ही जिया करते हैं।
आँसू बता देते हैं कि दर्द कितना गहरा है,
सन्नाटों में हमारी बातें गुमनाम हो गए।
की आदमी ही आदमी को जाल में फसाने लगा है…!
क्या कहें जनाब… यहाँ ज़िन्दगी भी कफ़न ओढ़कर जीनी पड़ती है,
हमारे भरोशे के तो सारे पत्ते Sad Shayari in Hindi जोकर निकले…!
फिक्र वो करे जिनके गुनाह परदे में हैं…!
ज़िंदगी के दर्द को मुस्कान में छिपा गए हैं।
ज़ख्म पुराने हुए कोई तो नया ज़ख्म दे जाओ